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हिन्दी व्याकरण – वर्ण, उच्चारण और वर्तनी

By Admin Team

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[vc_row][vc_column][vc_column_text]प्रिय पाठकों, आज हमारी टीम ऑल गवर्नमेंट जॉब्स इंडिया, आप के लिये हिन्दी व्याकरण से वर्ण, उच्चारण और वर्तनी से संबंधित लेखक लेकर प्रस्तुत है। यह आपकी आगामी परीक्षा हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण है, जो कि आपकी परीक्षा में उत्तम अंक दिलाने योग्य है। कुछ समय से हमें काफी ईमेल प्राप्त हो रहे थे, जिसमें वर्ण उच्चारण और वर्तनी के लेख की मांग हो रही थी, फलस्वरूप आज हम आप के लिए हिन्द व्याकरण से  वर्ण उच्चारण और वर्तनी पर यह लेख लेकर आए है, इस में आप जानेंगे ?क्या है  वर्ण उच्चारण और वर्तनी ? आशा है आप को यह पसंद आएँगे। यह लेख विशेष-कर  हिंदी नेट की परीक्षा , डीएसएसएसबी टीचिंग परीक्षा, सी टेट परीक्षा आदि के लिए उपयोगी है।

 

Table of Contents

वर्ण, उच्चारण और वर्तनी

किसी भी भाषा में प्रयुक्त होने वाली मूल ध्वनि को वर्ण कहते हैं, वर्णों के समूह या समुदाय को वर्णमाला कहते हैं, हिन्दी वर्णमाला दो भागों में विभक्त है – स्वर और वंजन

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स्वर –

जिन ध्वनियों के उच्चारण में हवा मुख-विवर से अबाध गति से निकलती है, उन्हे स्वर कहते हैं स्वर दो प्रकार के होते हैं –

  1. मूल स्वर

  2. संधि स्वर

1.मूल स्वर – जिन स्वरों के उच्चारण में अन्य स्वरों की सहायता नहीं लेनी पड़ती है, उन्हें मूल स्वर या ह्रस्व  स्वर कहते हैं। जैसे- अ, इ, उ

2.संधि स्वर – जिन स्वरों के उच्चारण में मूल स्वरों की सहायता लेनी पड़ती है, उन्हे संधि स्वर कहते हैं, ये दो प्रकार के होते हैं –

(क) दीर्घ स्वर (ख) संयुक्त स्वर

(क) दीर्घ स्वर  – जो सजातीय स्वरों के संयोग से निर्मित हुए हैं, वे दीर्घ स्वर कहलाते हैं, जैसे –

अ + अ = आ

इ + इ = ई

उ + उ = ऊ

(ख) संयुक्त स्वर – जो विजातीय स्वरों के संयोग से निर्मित हुए हैं; संयुक्त स्वर कहलाते है, जैसे –

अ + इ = ए

अ + ए = ऐ

अ + उ = ओ

अ + ओ = औ

व्यंजन –

जिन ध्वनियों के उच्चारण में हवा मुख-विवर से अबाध गति से नही निकलती, वरन् उसमें पूर्ण या अपूर्ण अवरोध होता है, व्यंजन कहलाती है, व्यंजन सामान्यत: 6 प्रकार के होते हैं –

  1. स्पर्श व्यंजन –

    क से म तक 25 व्यंजन स्पर्श हैं, इनमें क वर्ग को कंठ्य या कोमल तालव्य, च वर्ग को तालव्य व्यंजन, ट वर्ग का मूर्धन्य व्यंजन, त वर्ग को दन्त्य व्यंजन, प वर्ग को ओष्ठय व्यंजन कहते हैं, व दन्तयोष्ठ, न, र, ल वत्स्र्या  औ ’ ह ‘ स्वरयन्त्र मुखी या काकल्य कहलाते हैं,

2.अनुनासिक व्यंजन –

ङ, ञ, ण, न, म अनुनासिक व्यंजन हैं।

3.अंतस्थ व्यंजन –

य, र, ल, व अंतस्थ व्यंजन हैं।

4.ऊष्म व्यंजन –

श, ष, स, और ह ऊष्म व्यंजन हैं।

5.संयुक्त व्यंजन –

क्ष, त्र, ज्ञ श्र संयुक्त व्यंजन हैं।

र्वतनी –

किसी भाषा में शब्दों की ध्वनियों को जिस क्रम और जिस रूप से उच्चारित किया जाता है, उसी क्रम और उसी रूप में लेखन की रीति को वर्तनी (Spelling) कहते हैँ, जो जैसा उच्चारण करता है वैसा ही लिखना चाहता है, अतः उच्चारण और वर्तनी में घनिष्ठ सम्बन्ध है, शुद्ध वर्तनी के लिए शुद्ध उच्चारण अपेक्षित है,

अभ्यास प्रशन उत्तर

[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]

  1. जिन ध्वनियों के संयोग से शब्दों का निर्माण होता है , उन्हे कहते हैं-

(a) ध्वनि

(b) प्रतिध्वनि

(c) वाणी

(d) वर्ण[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]

उत्तरः D 

[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]2.यदि हिन्दी वर्णमाला में ‘ ऋ ‘ को समिमलित कर दिया जाए, तो वर्णा की कुल संख्या कितनी हो जाएगी ?

(a) 45

(b) 52

(c) 56

(d) 57[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तर: B[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]3.हिन्दी की देवनागरी वर्णमाला में स्पर्श व्यंजन हैं –

(a) 25

(b) 28

(c) 26

(d) 27[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तर: A

[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]4.स्वरों के दो प्रकार कौन – कौन हैं ?

(a)स्वर और व्यंजन

(b) ध्वनि और वर्ण

(c) मूलस्वर और संधि

(d) उपर्युक्त सभी[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तरः C[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]5.जिन स्वरों के उच्चारण में कम से कम समय लगता है, अर्थात् जिनके उच्चारण में अन्य स्वरों की सहायता नहीं लेनी पड़ती है, उन्हे कहते हैँ –

(a) अल्प स्वर

(b) मूल स्वर

(c) व्यंजन

(d) संधि स्वर[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तर: B[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]

  1. जिन स्वरों के उच्चारण में मूल स्वरों की सहायता लेनी पड़ती है, उन्हे कहते हैं –

(a) मूल स्वर

(b) दीर्ध स्वर

(c) संधि स्वर

(d) संयुक्त स्वर[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर “]उत्तर : C[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]7.जो स्वर सजातीय स्वरों के संयोग से बने हैं उन्हे कहते हैं।

(a) दीर्ध स्वर

(b) ह्रस्व स्वर

(c) मूल स्वर

(d) अल्प स्वर[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तरः A[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]

  1. दीर्घ स्वर के सही उदाहरण हैं-

(a) आ, ई, ऊ

(b) अ, इ, उ

(c) ए, ऐ, ओ

(d) इनमें से कोई नहीं[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तरः A[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]

  1. जो स्वर विजातीय स्वरो के मेल से बने है उन्हे कहते है- (A) दीर्घ स्वर

(B) महास्वर

(C) संयुकत स्वर

(D) उपर्युक्त सभी [/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर “]उत्तर : C[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]

  1. ‘ संयुक्त स्वर’ के उदाहरण हैं-

(a) अ, इ, उ

(b) आ, ई, ऊ

(c) ए, ऐ, औ, औ

(d) उपर्युक्त सभी[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तरः C[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]11.जनि ध्वानियों के उचारण में हवा मुख विवर से अबाध गति से नहीं निकल पाती है, उसमें पूर्ण या अपूर्ण अवरोध होता है, ऐसी ध्वनियों को कहते हैं –

(a) व्यंजन

(b) स्वर

(c) ऊष्म व्यंजन

(d) दीर्घ स्वर[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तर: A[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]

  1. व्यंजन कितने प्रकार के होते हैं ?

(a) 4

(b) 6

(c) 7

(d) 8[/vc_column_text][vc_toggle title=” उत्तर”]उत्तर: B[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]13.जिन व्यंजनों के उच्चारण में जिह्वा का कोई न कोई भाग मुख के किसी न किसी भाग से स्पर्श करता है ऐसे व्यंजनो को क्या कहते हैं?

(a) स्पशी व्यंजन

(b) उत्क्षप्त व्यंजन

(c) अंतस्थ व्यंजन

(d) अप्म व्यंजन [/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तरः A[/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]14.तालव्य व्यंजन हैं –

(a) च छ ज झ

(b) ट ठ ड ढ

(c) त थ द ध

(d) प फ ब भ [/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तरः A [/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]15.र्मूधन्य ध्वनियाँ कौनसी हैं ?

(a) च छ ज झ

(b) ट ठ ड ढ

(c) त थ द ध

(d) प फ ब भ म [/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_toggle title=”उत्तर”]उत्तरः B [/vc_toggle][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_column_text]यह भी पढ़ें-

[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row]

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