अधिगम उद्देश्य

  • अधिगम की अवधारणा और प्रक्रिया की व्याख्या कर सकेंगे।
  • अधिगम प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले को करना।
  • अधिगम के विभिन्न तरीको और सिद्धांतो की व्याख्या करना।
  • अधिगम और शिक्षण के पारम्परिक और आधुनिक उपागमों के बीच अन्तर करना ।

अधिगम प्रक्रिया

अधिगम क्या है ? एक बच्चा कैसे सीखता है? हम बच्चे के अधिगम को कैसे सुविधा प्रदान कर सकते है ? एक शिक्षक के रूप में इस प्रकार के कुछ प्रश्न है जिनको विद्यालय में बच्चों के अधिगम को आकार देने में, इस जिम्मेदारी को क्रम से निभाने के लिए समझना आवश्यक है।

अधिगम की अवधारणा और प्रक्रिया :

आपके पढ़ने और विचार करने के लिए नीचे कुछ तथ्य दिए गए है:

  • अधिगम अधिक या कम स्थायी के द्वारा संसार में हमारे चारों ओर क्या घटित हो रहा है इसके द्वारा हमें क्या करना है और हमें क्या अवलोकन करना है इन सब के द्वारा रूपांतरित होने की एक प्रक्रिया है।
  • अधिगम एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यवहार को मूलभूत किया जाता है यह परीक्षण विधि के द्वारा परिवर्तन होता है (या तो प्राकृतिक वातावरण में या प्रयोगशाला मे)
  • अधिगम एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति विभिन आदतें, ज्ञान और प्रवृति प्राप्त करता है, जिनका सामान्य रूप से जीवन की माँग के अनुसार मिलना आवश्यक होता है।

” अधिगम व्यक्तित्व ( संज्ञानात्म, प्रभावकारी, प्रवृत्ति पूर्ण, उत्साहपूर्णण, व्यवहार पूर्ण और अभ्यासात्मक) पूर्णतया परिवर्तन कर देता है और उसके प्रदर्शन में परिवर्तन की चमक दिखाई देती है अक्सर यह अभ्यास के द्वारा आता है फिर भी यह अंतर्दृष्टि है से या अन्य कारको या स्मरण से पैदा होता हो सकता है ।

उपर्युक्त तथ्य हमें अधिगम को 3 विस्तृत तरीकों से समझने की ओर इशारा करते हैं ।

  • अधिगम को निम्न प्रकार से सुनिश्चित किया जा सकता है –
  • व्यवहार का पूर्णतया स्थाई रूपांतरण
  • जीवन की मांगो से मिलने के लिए आवश्यक आदतें ज्ञान और वृत्ति को ग्रहण करना।
  • व्यक्तित्व में पूर्णतया स्थाई परिवर्तन सभी संभव विमाओ में ) अधिगम प्रक्रिया की विशेषताएं निम्न प्रकार है –

अधिगम एक सतत प्रक्रिया है:– बचपन से ही प्रत्येक मनुष्य अपने व्यवहार सोच प्रवृत्ति, रूचि आदि से अपने व्यवहार में परिवर्तन की कोशिश करता है वह ऐसा जीवन के परिवर्तनशील स्थितियों में स्वयं को निरंतर फिट रखने के लिए करते हैं।
अधिगम एक प्रत्यक्ष लक्ष्य है:- प्रत्येक मनुष्य अपने जीवन में कुछ लक्ष्य को प्राप्त करने की अभिलाषा करता है इन लक्ष्यों को अधिगम के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। यदि प्राप्त करने के लिए कोई उद्देश्य नहीं है तब वह अधिगम की कोई आवश्यकता नहीं होगी !

अधिगम सुविचारित है:– जब कोई व्यक्ति अपने लिए लक्ष्य निर्धारित करता है तब वह लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जानबूझकर कुछ क्रियाकलाप करता हैं यदि उसके पास लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कोई सुविचार नहीं है या वह उसके बारे में बिल्कुल शांत है तब उसका लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल है इसका तात्पर्य यह है कि उसका अधिगम कमजोर है।
अधिगम एक सक्रिय प्रक्रिया है:- कुछ सीखने के लिए शारीरिक मानसिक या दोनों प्रकार के कुछ क्रियाकलाप करने की आवश्यकता होती है। नए अनुभवो को सीखने के लिए मानसिक का सक्रिय होना आवश्यक है अन्यथा अधिगम संभव नहीं होगा ।
अधिगम व्यक्तिवादी है :- अपने कक्षा में यह अवलोकन किया होगा कि कुछ बच्चे अधिक व शीघ्रता से सीखते हैं और अन्य धीरे धीरे सीखते है। वास्तव में विभिन्न व्यक्तियों की अधिगम की गति भिन्न भिन्न होती है ।
अधिगम एक व्यक्ति की वातावरण के साथ परस्पर क्रिया का परिणाम है: – एक शिक्षक के रूप में, बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए सावधानी पूर्वक वातावरण का संगठन करना है, प्राय: जब वे आपसे परस्पर क्रिया करते हैं आपस में अपने साथियों से परस्पर क्रिया करते हैं तथा शिक्षण अधिगम सामग्री से परस्पर क्रिया करते हैं ।

अधिगम स्थानांतरणीय है:- एक स्थिति में किया गया अधिगम अन्य स्थितियों में समस्या हल करने में उपयोगी हो सकता है । गणित विज्ञान समाजिक विज्ञान और भाषा का अधिगम बच्चों के वास्तविक जीवन में विभिन्न क्रियाकलापों के प्रदर्शन में उनकी सहायता करता है ।

कार्य : अधिगम की किन्ही तीन विशेषताओं की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए ।  कमेंट में उत्तर दीजिए :- 

Laws of learning- E.L. Thorndike- Notes - B.El.Ed , B.Ed Notes, D.El.Ed
Spearman’s Two Factor Theory - स्पीयरमेन का द्विकारक सिद्धांत

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