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प्राचीन भारत में गुप्त काल से सम्बन्धित गुफा चित्रांकन

Q9. प्राचीन भारत में गुप्त काल से सम्बन्धित गुफा चित्रांकन के केवल दो उदहारण उपलब्ध है। इनमें से एक अजन्ता की गुफाओं में किया गया चित्रांकन है। गुप्त काल के चित्रांकन का दूसरा अर्वाशष्ट उहाहरण किस स्थान पर उपलब्ध है ?

a) बाघ  गुफाएँ

b) एलोरा गुफाएँ

c) लोमस ऋषि गुफा

d) नासिक गुफाएँ

उत्तर – a

व्याख्या:  प्राचीन भारत में गुप्तकाल से सम्बन्धित गुफा चित्रांकन के केवल दो उदाहरण मिलते हैं –

(¡) अजन्ता की गुफा

(¡¡) बाघ की गुफा

विश्वविख्यात ‘ अजन्ता की चित्रकला’  का विषय धार्मिक है और यह समाज के उच्च वर्ग का चित्रण करता है। बाघ की चित्रकला गुप्तकालीन है किन्तु इसका विषय लौकिक है। गुप्तकाल में चित्रकला अपने उच्च शिखर पर पहुँच चुकी थी। गुप्तकलीन चित्रों के उत्तम उदाहरण हमें महाराष्ट्र प्रान्त के औररंगाबद में स्थित अजन्ता की गुफाओं तथा ग्वालियर के समीप स्थित बाघ पर्वत गुफाओं से प्राप्त होते हैं। अजन्ता में निर्मित कुल 20 गुफाओं में से वर्तमान में केवल छः ही ( गुफा संख्या 1, 2, 9, 10,16,17) शेष है। छः गुफाओं में गुफा संख्या 16 एवं 17 ही गुप्तकालीन हैं।इन गुफाओं में अनेक प्रकार के  फूल पत्नियों, वृक्षों एवं पशु आकृति से सजावट का काम तथा बुद्ध एवं बोधिसत्यों की प्रतिमओं के चित्रणा का काम, जातक ग्रन्थों से ली गई कहानियों का वर्णात्मक दृश्य के मैं प्रयोग प्रयोग हुआ है। अजन्ता को गुफा संख्या 16 में उत्कीर्ण मरणासन्न राजकुमारी का चित्रण प्रशंसनीय है। गुफा संख्या 17 के चित्र को ‘ चित्रशाला’ कहा गया है। इस चित्रशाला में बुद्ध के जन्म, जीवन, महाभिनिष्क्रमण एवं महापरिनिर्वाण की घटनाओं से सम्बद्धित चित्र उकेरे गए हैं। गुफा संख्या 17 में उकीर्ण सभी चित्रों में ‘ माता और शिशु “ नाम का चित्र सर्वीत्कृष्ट है।

ग्वालियर के समीप बाघ नामक स्थान पर स्थित विन्ध्य पर्वत को काटकर बाघ की गुफाएं बनाई गई हैं। 1818 ई० के डेजर फील्ड ने इन गुफाओँ को खोजा। यहाँ से नौ गुफाएँ मिली हैं। बाघ गुफा के चित्रों का विषय मनुष्य के लौकिक जीवन से सम्बन्धित है। यहाँ से प्राप्त संगीत एवं नृत्य के चित्र सर्वाधिक आर्कषक हैं।

स्त्रोत – प्राचीन भारत का इतिहास एवं संस्कृति – के० सी० श्रीवास्तव

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